top of page
अंग्रेज़ी-हिंदी वाक्यों सहित कार्यालयी अंग्रेज़ी के महत्वपूर्ण वाक्यांश एवं उनके हिंदी अर्थ : भाग 3
569. it is highly objectionable (यह बहुत ही आपत्तिजनक है) · English: Such negligence in work is highly objectionable. · अनुवाद : कार्य में ऐसी लापरवाही बहुत ही आपत्तिजनक है। 570. it will be construed (इसका यह अर्थ समझा जाएगा) · English: If no reply is received, it will be construed that you have no objection. · अनुवाद : यदि उत्तर प्राप्त नहीं हुआ तो इसका यह अर्थ समझा जाएगा कि आपको कोई आपत्ति नहीं है। 571. just below (ठीक नीचे) · English: Sign just below the main details. · अन
rekha sharma
Oct 946 min read
अंग्रेज़ी-हिंदी वाक्यों सहित कार्यालयी अंग्रेज़ी के महत्वपूर्ण वाक्यांश एवं उनके हिंदी अर्थ : भाग - 1
1. above given (उपरिलिखित, ऊपर दिया हुआ) · English: Please act on the above given instructions. · अनुवाद : कृपया ऊपर दिए हुए निर्देशों पर कार्रवाई करें। 2. above mentioned / above noted (उपर्युक्त) · English: Necessary action is being taken on the above mentioned subject. · अनुवाद : उपर्युक्त विषय पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। 3. above resolution be published in the Gazette of India (उपर्युक्त संकल्प भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाए) · English: Ordered that the above
rekha sharma
Oct 839 min read
अंग्रेज़ी-हिंदी वाक्यों सहित कार्यालयी अंग्रेज़ी के महत्वपूर्ण वाक्यांश एवं उनके हिंदी अर्थ : भाग 2
309. eligible candidate (पात्र उम्मीदवार) · English: Only eligible candidates should submit applications for the selection process. · अनुवाद : चयन प्रक्रिया के लिए केवल पात्र उम्मीदवार ही आवेदन प्रस्तुत करें। 310. eligible member of family (परिवार का पात्र सदस्य) · English: An eligible member of the family can apply for compassionate appointment. · अनुवाद : अनुकंपा नियुक्ति हेतु परिवार का पात्र सदस्य आवेदन कर सकता है। 311. employee requests that (कर्मचारी ने अनुरोध किया है कि
rekha sharma
Oct 835 min read
rekha sharma
Oct 70 min read


मसौदा लेखन : अर्थ, प्रयोजन, प्रकार और मार्गदर्शक सिद्धांत
कार्यालयी कार्यप्रणाली में टिप्पणी और मसौदा लेखन का विशेष महत्व है। टिप्पणी में किसी मामले का परीक्षण, विश्लेषण और निर्णय के लिए सुझाव प्रस्तुत किए जाते हैं, जबकि मसौदा उस निर्णय का प्रारूप होता है, जिसे अनुमोदन प्राप्त होने के बाद पत्र, ज्ञापन, आदेश या अन्य कार्यालयी दस्तावेज के रूप में जारी किया जाता है। इसलिए मसौदा लेखन सरकारी पत्राचार की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। मसौदे की भाषा, शैली और प्रस्तुति जितनी स्पष्ट, संक्षिप्त और सटीक होगी, अनुमोदन की प्रक्रिया उतनी ही सरल होगी
rekha sharma
Oct 25 min read
टिप्पणी लेखन : अर्थ, उद्देश्य, प्रकार और मार्गदर्शक सिद्धांत
टिप्पणी लेखन सरकारी कार्यालयों में कार्य-संपादन और निर्णय-प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अंग है। किसी प्राप्त पत्र अथवा मामले पर क्या कार्रवाई की जानी है, किन नियमों का पालन आवश्यक है, पूर्व में इस प्रकार के मामलों में क्या निर्णय लिए गए हैं तथा अधिकारी से किस निर्णय या आदेश की अपेक्षा है—इन सभी बातों को संक्षेप, स्पष्ट और क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करने का माध्यम टिप्पणी है। सरल शब्दों में, टिप्पणी का उद्देश्य अधिकारी को किसी मामले की पृष्ठभूमि, वर्तमान स्थिति, संबंधित नियमों और
rekha sharma
Oct 27 min read


राजभाषा कार्यान्वयन : उद्देश्य, प्रक्रिया, चुनौतियाँ और प्रभावी उपाय
राजभाषा कार्यान्वयन : उद्देश्य, प्रक्रिया, चुनौतियाँ और प्रभावी उपाय प्रस्तावना भारत एक बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक देश है। प्रशासनिक व्यवस्था में विभिन्न भाषाओं के प्रयोग की अपनी-अपनी महत्ता है। संघ के शासकीय कार्यों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने तथा राजभाषा नीति को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए भारत सरकार द्वारा संविधान, राजभाषा अधिनियम, 1963, राजभाषा (संघ के शासकीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग) नियम, 1976 तथा समय-समय पर जारी निर्देशों के माध्यम से व्यापक व्यवस्था की गई है
rekha sharma
Sep 297 min read
rekha sharma
Sep 280 min read


कार्यालयी अनुवाद की समस्याएँ और समाधान
कार्यालयी अनुवाद की समस्याएँ और समाधान प्रस्तावना राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में अनुवाद केंद्रीय भूमिका निभाता है। केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों, उपक्रमों तथा राज्य सरकारों में हिंदी और अंग्रेजी के बीच द्विभाषी कामकाज की अनिवार्यता के चलते कार्यालयी अनुवाद एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया बन गई है। किंतु व्यावहारिक स्तर पर यह कार्य अनेक कठिनाइयों से घिरा रहता है, जिनके कारण अनुवाद की गुणवत्ता और स्वाभाविकता प्रभावित होती है। प्रमुख समस्याएँ 1. पारिभाषिक शब्दावली का अभाव अथ
rekha sharma
Sep 284 min read
वर्णक्रम अभ्यास
वर्णक्रम से शब्दों को सजाने का तरीका इस प्रकार है: मूल नियम : 1. पहले अक्षर की तुलना करें — जो वर्ण हिंदी वर्णमाला में पहले आता है, वह शब्द पहले आएगा (स्वर पहले : अँ अं अः / अ आँ आं आ ऑ इं इ ईं ई उँ उं उ ऊँ ऊं ऊ ऋं ऋ एँ एं ए ऐं ऐ ओं ओ औं औ; फिर व्यंजन : क क्ष ख / ख़ ग / ग़ घ च छ ज / ज़ ज्ञ झ ट ठ ड / ड़ ढ / ढ़ ण त त्र थ द ध न प फ / फ़ ब भ म य र ल व श श्र ष स ह। 2. यदि पहला अक्षर (व्यंजन) दोनों शब्दों में एक ही है, तो उस पर लगी मात्रा को देखें — बिना मात्रा (अ की ध्वनि) प
rekha sharma
Sep 272 min read
rekha sharma
Sep 250 min read
rekha sharma
Sep 220 min read
rekha sharma
Sep 200 min read
rekha sharma
Sep 200 min read
rekha sharma
Sep 200 min read
rekha sharma
Sep 200 min read
rekha sharma
Sep 200 min read


प्रशासनिक शब्दावली संदर्भानुकूल एवं प्रचलित पारिभाषिक पदों की समझ और अभ्यास
प्रशासनिक शब्दावली संदर्भानुकूल एवं प्रचलित पारिभाषिक पदों की समझ और अभ्यास
rekha sharma
Sep 161 min read


हिंदी वर्तनी का मानकीकरण
हिंदी वर्तनी का मानकीकरण किसी भी भाषा के सीखने-सिखाने में सहायक या बाधक बनने वाले दो प्रमुख कारक हैं — भाषा का व्याकरण और उसकी लिपि। लिपि का एक पक्ष है — सामान्य और विशिष्ट स्वनों के पृथक प्रतीक वर्णों की स्पष्टता, उनका परस्पर स्पष्ट आकार-भेद, लिखावट में सरलता, स्थान-लाघव एवं प्रयत्न-लाघव। लिपि का दूसरा पक्ष है — वर्तनी। एक ही स्वन को प्रकट करने के लिए विविध रूपी वर्णों का प्रयोग वर्तनी को जटिल बना देता है और यह लिपि का एक सामान्य दोष माना जाता है। यद्यपि देवनागरी लिपि मे
rekha sharma
Sep 314 min read
bottom of page